Saturday, February 17, 2018

हिन्दुस्तान और हिंदूसमाज

भारतके नागरिकों को शांति और प्रगति के लिए एकजुट होना होगा

कभी सोचा आपने 30 साल बाद आपकी सम्पति का कौन मालिक होगा?

याद रखना, आबादी बढ़ते तुम्हारा राष्ट्र मुस्लिम राष्ट्र हो जायेगा! ऐसा हो चूका है और अभी भी हो रहा है!

एक दिन पूरे काबूल (अफगानिस्तान) का व्यापार सिक्खों के हाथ था, आज उस पर तालिबानों का कब्ज़ा है!

सत्तर वर्ष पहले पूरा सिंध सिंधियों का था, आज उनकी पूरी धन संपत्ति पर पाकिस्तानियों का कब्ज़ा है!

एक दिन पूरा कश्मीर धन धान्य और एश्वर्य से पूर्ण हिंदू पंडितों का था, उनके उन महलों और झीलों पर आतंक का कब्ज़ा हो गया और आज वे टेंटों में ज़िंदगी गुजार रहे हैं!

एक दिन वो था जब ढाका का हिंदू बंगाली पूरी दुनिया में जूट का सबसे बड़ा कारोबारी था! आज उसके हाथ क्या है?

गुरु नानक का ननकाना साहब, लवकुश का लाहौर, दाहिर का सिंध, चाणक्य का तक्षशिला, ढाकेश्वरी माता का मंदिर देखते ही देखते सब पराये हो गए!

पाँच नदियों से बने पंजाब में अब केवल दो ही नदियाँ बची हैं!

इस देश के हिंदू समाज की सारी समस्याओं की जड़ ही संगठन का अभाव है!

कोई व्यापारी असम के चाय के बागान अपना समझ रहा है, कोई आंध्र, कर्नाटक की खदानें अपनी मान रहा है! तो कोई सोच रहा है ये हीरे , लोहे का व्यापार सदा सर्वदा उसी का रहेगा!

कभी कश्मीर की केसर व्यापारियों के बारे में भी हिंदू यही सोचा करता था! हिन्दू अपने घर भरता रहा और पूर्वांचल का लगभग पचहत्तर प्रतिशत जनजाति समाज विधर्मी हो गया!

बहुत कमाया तूने बस्तर के जंगलों से, आज वहाँ खुद घुस भी नहीं सकता! आज भी आधे से ज्यादा समाज को तो ये भी समझ नहीं कि उस पर क्या संकट आने वाला है!

बचे हुए समाज में से बहुत सा अपने आप को सेकुलर मानता है!

आजादी के बाद एक बार फिर हिंदू समाज दो राहो पर खड़ा है!

दो ही रास्ते है,

शुतुरमुर्ग की तरह आसन्न संकट को अनदेखा कर रेत में गर्दन गाड़ लेना

या

दूसरा रास्ता तमाम संकटों को भांपकर सारा हिंदू समाज आपसी मतभेद भुला कर संगठित हो संघर्ष कर अपनी धरती और संस्कृति बचाना!

जो करना ही होगा और करना ही होगा!
हिन्दू समाज बोलेतो समाज के चारो वर्ण ---ब्राम्हण, वैस्य, क्षत्रिय, क्षुद्र चारो वर्ण में आने वाली सभी जातियाँ । कोईभी अपने को हिन्दू समाज से अलग नही समझे । हमारे में झगड़ा लगाकर अपना काम कर रहे है।। सावधान ।सावधान ।

Thursday, February 15, 2018

स्वामी दयानंद सरस्वती - एक सच्चे समाज सुधारक

धर्म - समाज सुधार - राजकारण

*महर्षि दयानन्द के जन्मदिन तथा बोधरात्रि पर्व पर विशेष...*

● अगर महर्षि दयानन्द जी अपने समाज सुधार के काम में सफल हुए होते तो...

*स्वामी सच्चीदानंद* के विचार...

[श्री स्वामी सच्चिदानन्द जी गुजरात के विख्यात संन्यासी, सशक्त वाग्मी, चिन्तक, साहित्यकार, सुधारक, सेवाभावी महानुभाव हैं। वे मूलतः गुजराती हैं। आरम्भ से ही महर्षि दयानन्द तथा आर्य समाज से प्रभावित होते हुए भी वे 'आर्यसमाजी' नहीं हैं। उनका चिन्तन किसी ग्रन्थ से आबद्ध न होकर प्रायः स्वतन्त्र है ]

*अगर दयानन्द जी अपने कार्य में पूर्ण सफल हुए होते तो* -

√  भारत की हिन्दू प्रजा इतनी बलवान हो गई होती कि आज प्रचण्ड बहुमती में होते हुए भी प्रतिदिन उसके मार खाने के समाचार आते हैं वे न आते होते।

√  तो... हज़ारों मन्दिरों में लगाया गया धन विद्या संस्थानों में लगाया गया होता और करोड़ों के भोजन-खर्च के स्थान पर विद्यार्थियों के लिए भोजनालय चलते होते।

√  तो... अस्पृश्यता का नामोनिशान न बचा होता।

√  तो... प्रजा को एक ही परमात्मा की स्पष्ट एवं सरल उपासना प्राप्त हुई होती।

√  तो... प्रचण्ड राष्ट्रवाद और देशप्रेम से यह देश छलक रहा होता।

√  तो... धर्मान्तरित होने का भय नाबूद हो गया होता और हजारों धर्मान्तरित हुए देशबन्धुओं को पुनः आर्य बनाए गए होते। यह प्रक्रिया मात्र धार्मिक प्रक्रिया न रहते हुए उसके दूरगामी परिणाम भी प्राप्त हुए होते।

√  तो... असंख्य व्यक्ति स्वयं को भगवान मान-मनवाकर एकेश्वरवाद में जो उलझन - भ्रम पैदा कर रहे हैं, जिसके कारण हिन्दू प्रजा ईश्वर-पूजक मिटकर व्यक्ति-पूजक हो गई है, वह न होता। इस्लाम की तरह समर्थ में समर्थ व्यक्ति भी सबके साथ ईश्वर-भक्त हुई होती और व्यक्ति-पूजा का भयंकर दूषण न रहा होता।

महर्षि दयानन्द जी, राजा राममोहन राय, महात्मा गांधीजी इत्यादि उस समय के जाग्रत महानुभावों ने प्रजा को जगाने का सच्चा, सरल तथा कल्णाणकारी मार्ग दिखाया था, परन्तु कुछ अपवाद को छोड़कर प्रायः लोग इस मार्ग का स्वीकार न कर सके। कुछ ही समय में फिर से पौराणिक वाद पुनः विस्तरित हो गया। सत्य के बिना उद्धार नहीं है, परन्तु सत्य को ठोकर मारकर दम्भ-पाखण्ड-आडम्बर की ही पूजा करने की आदत हो वहां दुर्दशा को कुछ भी करके रोका नहीं जा सकता।

महात्मा बुद्ध से लेकर कबीर-नानक तक के मानवतावादी महापुरुष और राजा राममोहन राय से लेकर दयानन्द जी और महात्मा गांधीजी तक के सुधारकों ने प्रजा को जगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, परन्तु कौन जाने क्यों प्रजा नहीं जागी। कदाचित् कुछ समय के लिए थोड़ी जागी, परन्तु शीघ्र ही वह पुनः सो गई। ऐसा लगता है मानों सोने का व्यसन ही हो गया है हमें।
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Monday, February 12, 2018

Rafael aircraft deal

There is no country about the rafale deal. Pakistan and China wants to know.

1. America sells weapons to Israel and Saudi Arabia, but there is a difference of night in the same weapon to both. The destructive power of the weapons given to Saudi Arabia is less than the weapons found in Israel. The detection of retention is also low.

2. Russia sold Syria modern and developed radar and anti aircraft missile.

In 2007, Israel destroyed the nuclear bases of Syria under the "operation ōracarḍa" of Syria.

At that time, the radar was not able to contact the Israeli aircraft and no anti aircraft missile could have fallen into a plane.

For this you will have understood that, in real # ̔āhulabābā or #ka pet dogs, or outside of the #ra war aircraft, they are their boss.... HMV, Hīja Master Voice, China. And want pakistan information.

You will now have the left-wing and Congress-traitor ideology and betrayers.

Thank you.

राफेल डील के बारे में

राफेल डील के बारे में देश नहीं पाकिस्तान और चीन जानना चाहता है।
१. अमेरिका इजराइल और सऊदी अरब दोनों को हथियार बेचता है परन्तु दोनों को मिलने वाले एक ही हथियार में दिन रात का अंतर है। सऊदी अरब को दिए जाने वाले हथियारों की मारक क्षमता इजराइल को मिलने वाले हथियारों से कम है। रडारों की डिटेक्शन पावर भी कम है।
२. रूस ने सीरिया को आधुनिक और विकसित रडार तथा एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल बेचीं।
इजराइल ने 2007 में "ऑपरेशन ओरचर्ड" के तहत सीरिया के गुप्त निर्माणाधीन परमाणु ठिकानों पर हमला करके उनको तबाह कर दिया।
उस समय ना तो ये रडार इसरायली विमानों को डिटेक्ट कर पाए और ना ही कोई एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल किसी विमान को गिरा पायी।
इस लिए आप समझ गये होंगे कि, असलमें #राहुलबाबा या #कोंग्रेसी पालतू कुत्ते, संसदमें या बाहर #राफेल युद्ध विमान के बारे में जो कुछ भी धमाल मचा रहे हैं वो उनके आका.... HMV, हीज मास्टर वोइस, चीन और पाकिस्तान जानकारी चाहते हैं.
आप, अभी वामपंथी तथा कोंग्रेसकी देशद्रोही विचारधारा तथा गद्दारी सभझ गये होंगे.
धन्यवाद.